मुंबई लोकल का, क्या कहना है भाई, चढ़ जाते हैं सब, पर सबको होती है घाई ! मुंबई लोकल का, क्या कहना है भाई, चढ़ जाते हैं सब, पर सबको होती है घाई !
चला चल यह है जिंदगी का नया सफर...। चला चल यह है जिंदगी का नया सफर...।
थी रास तुझको जुदाई मेरी, ले आज़ाद मैं तुझको कर गया। फिर वक्त मेरा ठेहेर गया, और जीवन तेरा संवर गया। थी रास तुझको जुदाई मेरी, ले आज़ाद मैं तुझको कर गया। फिर वक्त मेरा ठेहेर गया, और ...
मुसाफिर मुसाफिर
सजदे में जिंदगानी, झुका ले तो चले सजदे में जिंदगानी, झुका ले तो चले
शैतान से देखो डर कर सब कर मेल रहे हैं । जीवन के पर्दे पर हम तुम खेल रहे हैं ।। शैतान से देखो डर कर सब कर मेल रहे हैं । जीवन के पर्दे पर हम तुम खेल रहे हैं ।...